मेरी जिंदगी में बस ‘हीरो’ बनना रह गया था…

जिंदगी आपको जो भी देती है, आपको हर चीज स्वीकारनी चाहिए. चाहे आपकी जिंदगी में कोई ‘हीरो’ हो या नहीं. बचपन में परिवार का ‘हीरो’, जवानी में समाज और परिवार का ‘हीरो’, ऑफिस में बॉस का ‘हीरो’, शादी के बाद पत्नी और बच्चों का ‘हीरो’.

घूरते हो, मारते हो, आबरू से खेलते हो, नहीं चाहिए एक दिन का सम्मान, देना है तो रोज दो

भारत ही नहीं दुनिया में महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं सुनने को मिलती हैं। महिलाओं के सम्मान की इतनी ही फिक्र है तो उन्हें बुरी नजर से देखना बंद करो, तभी महिलाओं को असली सम्मान मिलेगा।